— ज्योतिषीय कैलेंडर 2026 —
2026 के आकाश की सभी प्रमुख तिथियाँ एक ही पृष्ठ पर: बुध और अन्य ग्रह कब वक्री होते हैं, हर पूर्णिमा और अमावस्या, ग्रहण और हर राशि में सूर्य का प्रवेश। हर तिथि AstroSensus कैलेंडर में उसी दिन तक ले जाती है।
छाया वक्री से पहले और बाद का वह हिस्सा है जिसमें बुध उन्हीं अंशों से गुज़रता है जिन्हें वह वक्री होकर तय करता है।
| वक्री होता है | मार्गी होता है | अंश | छाया आरंभ | छाया समाप्त |
|---|---|---|---|---|
| 22°33′ ♓ मीन → 8°29′ ♓ मीन | ||||
| 26°15′ ♋ कर्क → 16°18′ ♋ कर्क | ||||
| 20°58′ ♏ वृश्चिक → 5°02′ ♏ वृश्चिक |
2026 में वक्री नहीं: मंगल।
| तिथि | समय | राशि |
|---|---|---|
| 07:14 | ♒ कुंभ | |
| 21:21 | ♓ मीन | |
| 20:15 | ♈ मेष | |
| 07:09 | ♉ वृषभ | |
| 06:06 | ♊ मिथुन | |
| 13:54 | ♋ कर्क | |
| 00:43 | ♌ सिंह | |
| 07:48 | ♍ कन्या | |
| 05:35 | ♎ तुला | |
| 15:07 | ♏ वृश्चिक | |
| 12:53 | ♐ धनु | |
| 02:20 | ♑ मकर |
2026 में बुध 3 बार वक्री होता है: 26 फ़रवरी 2026 – 21 मार्च 2026 (मीन); 29 जून 2026 – 24 जुलाई 2026 (कर्क); 24 अक्टूबर 2026 – 13 नवम्बर 2026 (वृश्चिक)।
2026 में 4 ग्रहण हैं: वलयाकार सूर्य ग्रहण — 17 फ़रवरी 2026; पूर्ण चंद्र ग्रहण — 3 मार्च 2026; पूर्ण सूर्य ग्रहण — 12 अगस्त 2026; आंशिक चंद्र ग्रहण — 28 अगस्त 2026।
2026 में 13 पूर्णिमाएँ हैं। पहली 3 जनवरी 2026 को और अंतिम 24 दिसम्बर 2026 को है।
आपकी जन्म कुंडली
ये तिथियाँ सबके लिए एक जैसी हैं। ये आपके जीवन के किस हिस्से को छूती हैं, यह आपकी अपनी कुंडली पर निर्भर करता है — उन भावों और ग्रहों पर जिन पर ये पड़ती हैं।